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– पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत से ही हो रही शराब की तस्करी?

सावनेर – सावनेर क्षेत्र में इन दिनों आबकारी विभाग की मिलीभगत और पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण अवैध शराब तस्करी का कारोबार अच्छा खासा फल-फूल रहा है। जगह-जगह खुलेआम अवैध रूप बिक रही शराब के कारोबार को देखकर तो यही लगता है कि आबकारी विभाग ने शराब ठेकेदार को अवैध तरीके से शराब तस्करी करवाने की खुली छूट दे रखी है?

सावनेर में विवादास्पद शराब माफिया के लिए एक जगह से दूसरी जगह वाईन शॉप से अवैध तरीके से शराब पहुंचाने का कम इन दिनों जोरो पर है । सावनेर के मुख्य रूप से 7-8 रास्तों से रोजाना भारी मात्रा में वाईन शॉप से देशी विदेशी शराब की तस्करी बेखोफ जारी है | शराब दुकान से डायरियों के माध्यम से ठेकेदार के लोग खुलेआम अवैध शराब अड्डों तक शराब पहुंचा रहे हैं। जबकि शासन ने इन्हे सिर्फ तय दुकानों से शराब बेचने का लायसेंस दिया है। आबकारी विभाग की मिलीभगत एवं पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण हर तरफ अवैध शराब विक्रय का कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है?

ऐसे जगह-जगह आसानी से उपलब्ध होने वाली शराब के कारण कई घर बर्बाद हो चुके है। तो वहीं युवा वर्ग जो कल का भविष्य है उनपर भी बुरा असर पड़ रहा है। आबकारी विभाग की मिलीभगत और पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में भी शराब माफियाओं का आतंक मचा हुआ है। जिसके बाद भी अवैध शराब माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होना तो यही दर्शाता है कि इन जिम्मेदारों और शराब माफियाओं के बीच में तगड़ी सांठगांठ है? जिसके कारण ही हर तरफ अवैध शराब बेची जा रही है।

दिन हो या रात इन अवैध शराब अड्डों पर हर समय आसानी से शराब मिल जाती है तो कई ढाबों पर भी अवैध शराब परोसी जा रही है। लेकिन अवैध आर्थिक कमाई की वजह से कोई भी अधिकारी कार्रवाई करने कि हिम्मत नहीं कर पा रहे है। सूत्रों की माने तो यदा-कदा छापेमारी कर कुछ छोटी मोटी जब्ती दिखाकर अपनी जिम्मेदारी दर्शा देते हैं। शराब के बड़े माफिया, तस्करों की ओर ये शायद ही कभी नजर फेरते हों। कहीं से इन तस्करों की शराब के अवैध कारोबार की सूचना मिल भी जाए तो भी ये बचने की ही कोशिश करते नजर आते हैं। यहां तक कि जो इन शराब माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाते हैं उन्हें भी इन शराब माफियाओं द्वारा दबाने का प्रयास किया जाता है।

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