श्रीराम मंदिर का ने देश में अनेक आर्थिक संभावनाओं को जन्म दिया है – खंडेलवाल

– श्रीराम मंदिर से उत्पन्न नये व्यापार अवसरों को प्रधानमंत्री मोदी के आर्थिक दृष्टिकोण से जोड़ कर कैट एक श्वेत पत्र जारी करेगा

नागपूर :- अयोध्या में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन ने देश के छोटे व्यापारियों एवं छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व व्यापारिक अवसरों को खोला है,यह कहते हुए कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स( कैट) ने बताया कि अयोध्या की महत्त्वता को व्यापारिक दृष्टि समझते हुए कैट ने यह निष्कर्ष निकाला है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को बहुत तेज़ी से श्री राम मंदिर के कारण उत्पन्न विभिन्न नये व्यापारिक एवं रोज़गार के अवसरों को देश के कोने कोने में पहुँचाया जा सकता है और इसी को ध्यान में रखते हुए कैट इस विषय पर एक रिसर्च कर रहा है जो बहुत जल्द ही जारी होगी।ज्ञातव्य है कि कुछ दिन पूर्व कैट ने ही कहा था कि श्री राम मंदिर से देश में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था।

रिसर्च की अब तक की कार्यवाही से उत्पन्न हुए पहलुओं को साझा करते हुए कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की कैट फ़रवरी के प्रथम सप्ताह में रिसर्च को लेकर एक श्वेत पत्र जारी करेगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक दृष्टिकोण को श्रीराम मंदिर के उद्घाटन के बाद विकसित हो रही “सनातन अर्थव्यवस्था” से संबंधित कर कैट की रिसर्च के साथ तैयार किया जा रहा है। इस श्वेत पत्र में उन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा जो भारत के खुदरा व्यापार एवं लघु उद्योग में व्यापार एवं मैन्यूफ़ैक्चरिंग के लिए बड़े अवसर खोलेंगे।

अब तक की प्रारंभिक रिसर्च के बारे में बताते हुए भरतिया एवं  खंडेलवाल ने बताया कि व्यापारियों , छोटे उद्योगों, स्टार्टअप्स,स्वयं उद्यमियों, महिला उद्यमियों, और अन्य वर्गों के लिए रिसर्च में आठ क्षेत्रों की पहचान की गई है। इनमें पर्यटन और आतिथ्य, खुदरा व्यापार और हस्तशिल्प, रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर, छोटे निर्माण इकाइयां, प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाएं, सांस्कृतिक और शैक्षिक पहल, कृषि और कृषि आधारित उद्योग, और नवीन ऊर्जा शामिल हैं।

भरतिया एवं खंडेलवाल ने कहा कि श्रीराम मंदिर का देशव्यापी प्रबल प्रभाव धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों को पार करता हुआ अब बड़े विभिन्न आर्थिक अवसरों को जन्म दे रहा है। यह बहुपक्षीय आर्थिक विकास केवल अयोध्या और इसके आस-पास के क्षेत्रों के लिए नहीं बल्कि देशभर में धार्मिक और सांस्कृतिक महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए भी एक बड़ा सकारात्मक विकास का साधन हो सकता है।उसमें कोई दो राय नहीं कि अयोध्या ने व्यापार और उद्योग को एक नई दिशा दी है जिसके चलते निकट भविष्य में अनेक नये इनोवेटिव प्रोजेक्ट लगेंगे और बड़ी मात्रा में लोगों को रोज़गार भी मिलेगा। लघु उद्योग अनेक प्रकार के नये आइटम्स का निर्माण करेंगे जिनको देश भर में बड़ा बाज़ार भी मिलेगा।

भरतिया एवं खंडेलवाल ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर ने भारत के जनमानस पर गहरा प्रभाव डाला है। इस महत्वपूर्ण घटना ने व्यापार समुदाय में नए व्यापार अवसरों की भावना को प्रोत्साहित किया है, जिससे भारतीय आर्थिक और सांस्कृतिक विरासत में आने वाले समय में बड़ा बहुआयामी विकास होगा तथा देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में सनातन इकॉनमी का बड़ा योगदान होगा।

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