बालाजी नगर में भागवत कथा जारी
नागपुर :-भागवत कथा से सीखने की आवश्यकता है और उसमें बताए हुये मार्ग पर चलना जरूरी है। भागवत कथा को शरीर से नहीं पूरे मन से सुनना चाहिए तभी इसका फल प्राप्त होता है। उक्त आशय के उद्गार मानेवाड़ा के बालाजी नगर में जारी श्रीमद्भागवत कथा के दौरान योगेश कृष्ण महाराज ने भक्तों से कहे।
महाराज ने कहा कि भागवत पुराण हिन्दुओं के अट्ठारह पुराणों में से एक है। इसे श्रीमद्भागवतम् या केवल भागवतम् भी कहते हैं। इसका मुख्य वर्ण्य विषय भक्ति योग है, जिसमें कृष्ण को सभी देवों का देव या स्वयं भगवान के रूप में चित्रित किया गया है।
श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मनुष्य जीवन को सार्थक बनाती है। जन्म तो हर प्राणी एवं मनुष्य लेता है लेकिन उसे अपने जीवन का अर्थ बोध नहीं होता है। बाल्यावस्था से लेकर मृत्यु तक वह सांसारिक गतिविधियों में ही लिप्त होकर इस अमूल्य जीवन को नश्वर बना देता है। श्रीमद् भागवत ऐसी कथा है जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। व्यासपीठ का पूजन यजमान देवीदास देशमुख परिवार ने किया।