विराट महाकुंभ कलश महोत्सव व भागवत कथा आरंभ

108 पोथीजी व 1108 विराट महाकुंभ कलश शोभायात्रा निकाली

कच्छी वीसा मैदान में हो रहा आयोजन

नागपुर :-भागवत पाठ से सभी दोष नष्ट हो जाते हैं. भागवत पुराण में 18000 श्लोक और 12 स्कंध हैं. भगवान का अर्थ भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, तारण है. श्रीमद् भागवत कथा सुनना और सुनाना दोनों ही मुक्तिदायिनी है तथा आत्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाती है. भागवत कथा को मुक्ति ग्रंथ कहा गया है. उक्त आशय के उद्बोधन कथा वाचक वल्लभकुलभूषण वैष्णवाचार्य गोस्वामी 108 वृजराजकुमार महोदयश्री ने श्रीमद् भागवत कथा व 1108 विराट महाकुंभ कलश महोत्सव के दौरान कच्छी वीसा मैदान, लकड़गंज में भक्तों से कहे. श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 15 जनवरी तक दोपहर 3 से 7 बजे तक किया गया है. यह आयोजन श्री वल्लभाचार्य विश्व कल्याण ट्रस्ट, श्री दशा सोरठिया वणिक गुजराती समाज व श्री माता सामुद्री मंदिर निर्माण समिति की ओर से किया गया है. श्रीमद् भागवत कथा की अध्यक्षता वैष्णवाचार्य गोस्वामी 108 दु्रमिलकुमार महोदयश्री कर रहे हैं.

कथा आरंभ से पूर्व श्रीमद् भागवत व महाकुंभ कलश महोत्सव की भव्य शोभायात्रा निकाली गई. इसमें कलश धारी महिलाओं के साथ यजमान परिवार व महाराजश्री चल रहे थे.महिलाएं पीले वस्त्रों में शोभायात्रा में शामिल हुईं। शोभायात्रा जलाराम मंदिर, लकड़गंज से निकलकर कथा स्थली पहुंची, जहां शोभायात्रा का स्वागत किया गया. विराट महाकुंभ कलश महोत्सव में गंगोत्री, यमुनाजी और सरस्वती के पवित्र जल को प्रयागराज के संतों व आचार्यश्री द्वारा दिव्य कलश व महाकुंभ में भरा जाएगा.

आज व्यासपीठ का पूजन मनोज मलकान, तपन सांगाणी, केयूर शाह, जयप्रकाश मालविया, किशोर सिद्धपारा, नीलेश सिद्धपारा, मनीष सेलारका, रितेश सेलारका, नीता पारेख, धारिणी सेलारका, लता शाह, जितेंद्र शाह, उदय पारेख, मंथन सांगाणी, अमित मंडविया सहित अन्य ने किया. भागवत कथा में बड़ी संख्या में उपस्थिति की अपील आयोजकों ने की है.

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