रायपुर :- केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बागेश्वर धाम पीठ रायपुर छत्तीसगढ पंहुचे एवं व्यास पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समक्ष नमन किया। सनद रहे कि पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के तेजस्वी एवं ओजस्वी चेहरे तेज, वाणी ओजस्वी और सामने लगती है सैकड़ों लोगों की भीड़ को देखते हुए बागेश्वर धाम सरकार के रूप में बाबा इन दिनों चर्चा में हैं। लोगों की आस्था उनमें है लेकिन अब उन पर आरोप भी लगने लगे हैं। बाबा ने इसका खुलकर जवाब भी दिया है। बाबा के सामने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित अनेक दिग्गज राजनेता भी सिर झुकाते हैं।
बागेश्वर धाम बाबा के साथ नितिन गडकरी
लाल- नीली -पीली रंग की मराठी पगड़ी पहनने वाले आप जिसे लेकर उनके दरबार मे आएंगे, उसी का ये पर्चा हमने लिख लिया है पहले से ही आखिर कौन हैं यह बाबा? क्या है बागेश्वर धाम सरकार? धीरेंद्र शास्त्री की सच्चाई क्या है? अब उनके दावों पर ऐसे सवाल उठ रहे हैं, उन्हें चुनौती दी जा रही है। आगे बढ़ने से पहले जान लीजिए कि बागेश्वर बाबा के आगे मोदी सरकार के बड़े मंत्री नितिन गडकरी भी सिर झुकाते हैं। बाबा हमेशा एक गदा अपने पास रखते हैं।
अब बाबा पर चमत्कार के नाम पर अंधविश्वास फैलाने के आरोप लग रहे हैं। जादू-टोना विरोधी संगठन ‘अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति’ ने शिकायत की है। जब इन आरोपों को लेकर मीडिया धीरेंद्र शास्त्री तक पहुंचा तो उन्होंने बस इतना कहा कि भारत ऐसा देश है जहां भगवान राम के होने का भी सबूत मांगा जाता है । अयोध्या का भी सबूत मांगा तो इसमें हम ज्यादा पचड़ों में नहीं पड़ना नहीं चाहते हैं। सत्य को प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। जो है सो है, हमारे हनुमान जी हैं, बागेश्वर बालाजी हैं।
आप चिंता मत कीजिए। हम तुम्हारा साथ देंगे लेकिन हिंदू-हिंदू नहीं लड़ना चाहिए, और अगर हिंदू ही हिंदू की टांग खींचेगा तो तुम हिंदू नहीं हो… तुम कौन होते हो प्रमाण पत्र देने वाले कि हमारे पास हनुमान जी की कृपा है या नहीं।
बागेश्वर बाबा, सवाल खड़े करने वालों से बोले
आलोचना करने वालों के खिलाफ प्रवचन के दौरान ही बागेश्वर बाबा ने कहा, ‘जो हमें हनुमान जी प्रेरणा देंगे, वो हम बताएंगे… ये विधर्मी और आएंगे और जो बोल रहे हैं उनसे यही कहना है कि जो आप कर रहे वही हम कर रहे हैं। बाबा धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री स्पष्ट करते है कि हम भी अंधविश्वास के खिलाफ हैं। हम भी गुनिया, ओझा, तांत्रिकों के खिलाफ हैं…।’
गूगल पर बागेश्वर धाम, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की उम्र कितनी है, जैसी बातें पूछी जा रही हैं। वह रामकथा कहते हैं। विगत सप्ताह उनका नागपुर में भी कार्यक्रम हुआ। दावा किया जाता है कि बाबा के ‘दिव्य दरबार’ में सैकड़ों लोग समस्या लेकर आते हैं, तो वह नाम लेकर लोगों को बुलाते हैं और जब तक वह करीब आता है तब तक बाबा उसकी समस्या पर्चे पर लिख लेते हैं। यह देख लोगों की आस्था बढ़ने लगी। दूर-दूर से लोग उनकी कथा सुनने आने लगे। बाबा के दरबार में आने वाले लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता। धीरे-धीरे पांडाल में बढ़ती भीड़ ने नेताओं को भी आकर्षित करना शुरू कर दिया।
बागेश्वर सरकार कैसे जान जाते हैं लोगों के मन की बात, खुल गया बाबा का सबसे बड़ा राज!
जब बाबा के दरबार में पहुंचे गडकरी सहित अनेक कांग्रेसी और भाजपा के नेता भी उनके सामने दंडवत होते हैं। पिछले दिनों नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बागेश्वर धाम सरकार से मिलने पहुंचे। उन्होंने मंच पर जाकर बागेश्वर बाबा को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। मुस्कुराते हुए कुछ बातें हुईं और गडकरी ने फूलों की माला से उनका अभिवादन किया। करीब एक मिनट तक गडकरी और बागेश्वर बाबा बातें करते रहे। केंद्रीय मंत्री पूरे समय हाथ जोड़े खड़े रहे। उन्होंने बड़ी गंभीरता से महाराज की बातों को सुना और जवाब देते रहे। बाद में गडकरी ने मंच से बोलते हुए कहा कि परम श्रद्धेय आदरणीय गुरु जी को नमस्कार करता हूं। मैं उनके चरणों में इतनी प्रार्थना करता हूं कि हम सब को समाज में अच्छा कार्य करने के लिए शक्ति मिले, उसी प्रकार की प्रेरणा मिले और हमारे हाथ से समाज के गरीबों की सेवा करने के लिए उनका आशीर्वाद हमारे साथ रहे।
बाबा के दरबार में जुटते हैं नेतागण।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का जन्म 1996 में छतरपुर (मध्य प्रदेश) जिले में हुआ। वह एक गरीब परिवार से आते हैं। बताते हैं कि बचपन में घर की स्थिति ऐसी थी कि किसी दिन एक ही वक्त का भोजन मिल पाता था। बाद में उन पर हनुमान जी कृपा हुआ और वह लोगों के दुखों को दूर करने के लिए दिव्य दरबार आयोजित करने लगे।
गदा लेकर क्यों चलते हैं बागेश्वर बाबा?
बागेश्वर बाबा हमेशा एक छोटी गदा लेकर चलते हैं। उनका कहना है कि इससे उन्हें हनुमान जी की शक्तियां मिलती रहती हैं। वह हनुमान जी की आराधना करने के लिए लोगों को प्रेरित भी करते हैं। हाल में उन्होंने उन्होंने कुछ ऐसे बयान दिए थे, जिस पर काफी बवाल हुआ। कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
बागेश्वर धाम सरकार क्या है?
छतरपुर के पास एक जगह है गढ़ा, वहीं पर बागेश्वर धाम है। वहां बालाजी हनुमान जी का मंदिर है। मंगलवार को भारी भीड़ उमड़ती है। धीरे-धीरे इस दरबार को लोग बागेश्वर धाम सरकार के नाम से पुकारने लगे
बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने केंद्रीय मंत्री गडकरी के कार्यों की तारीफ
इस मौके पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के द्धारा देश के भर मे सडकों के विकास की तारीफ करते हुए बहुत ही प्रशंसा की और उनके उज्जवल राजनैतिक भविष्य के लिए भगवान बालाजी और हनुमान जी महाराज से प्रार्थना की है।
पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने स्पष्ट किया है कि वे स्वयं अंधविश्वास को नहीं मानते है और वे जिदू टोना टोटका के खिलाफ है। उन्होने यह भी कबूल किया कि वे दुखी जन सामान्य जनता को रोग मुक्त और भय मुक्ति के लिए भगवान बालाजी गुरुदेव और हनुमान जी महाराज से प्रार्थना करते हैं। परिणामतः दूर दूर से आए हजारों पर उनकी श्रद्धा भक्ती पर विश्वास जागा है।