नागपूर :- थैलेसीमिया व सिकलसेल सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. विंकी रुघवानी के नेतृत्व में आज संस्था के पदाधिकारी, थैलेसीमिया से पीड़ित रोगी व उनके पालकों ने नागपुर के जिल्हाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान थैलेसीमिया में लगनेवाली दवाइयों की आपूर्ति के बारे में चर्चा की।
डॉ. विंकी रुघवानी ने जिल्हाधिकारी को अवगत कराया कि पिछले कुछ माह से थैलेसीमिया के रोगियों को लगनेवाली डेफेरासीरोक्स दवाई नहीं मिल रही है। पहले यह दवाई डागा अस्पताल में उपलब्ध थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह दवाई अगर इस बीमारी से पीड़ित रोगियों को नहीं मिलेगी तो उनके शरीर के विभिन्न अंग जैसे हार्ट, किडनी और लिवर सब धीरे-धीरे खराब हो जाएंगे। इसीलिए यह दवाई नियमित लेना आवश्यक है। थैलेसीमिया एक गंभीर बीमारी है जिसमें पीड़ित रोगी को नियमित रूप से रक्त देना पड़ता है। उसे कई महंगी दवाइयां भी लेनी पड़ती है, जो की आर्थिक रूप से कमजोर परिवार नहीं ले पाते है। थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों के पालको ने भी अपनी समस्याएँ जिल्हाधिकारी के समक्ष रखी। स्वास्थ व परिवार कल्याण विभाग द्वारा इन दवाइयों की पूर्ति की जाती है। इसकी खरीद का काम हाफकिन बायो-फार्मासिटिकल कारपोरेशन लिमिटेड को दिया गया है। दवाइयों की आपूर्ति होने की वजह से स्थानीय खरीद के लिए भी प्रयत्न किये गए लेकिन फिर भी दवाइयां रोगियों को नहीं मिल पा रही है।
जिल्हाधिकारी डॉ. विपिन इटनकर ने जल्दी ही इन समस्याओं का निवारण किया जाएगा ऐसा आश्वासन दिया व तुरंत ही डागा अस्पताल के अधिक्षक से इस विषय पर चर्चा कर समस्या का हल निकाला।