– केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने मॉयल हादसे को लेकर दिए निर्देश, जांच अधिकारी स्पॉट पर हुए दाखल
– गज्जू यादव ने विधायक चंद्रशेखर बावनकुले के जरिए केंद्रीय श्रम मंत्री से की थी शिकायत
– पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए गज्जू यादव प्रयास कर रहे हैं
रामटेक :- हाल ही में मोयल स्थित मनसर खदान डंप में डूबने से चंद्रपाल इंगले नाम के 16 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। उस समय रामटेक पंचायत समिति के पूर्व उपसभापती उदय सिंह उर्फ गज्जू यादव ने नाबालिग चंद्रपाल को संबंधित ठेकेदार से आर्थिक मदद दिलाने के लिए केंद्रीय मंत्री से लगातार संपर्क किया था. इसके मुताबिक हादसे की शिकायत दिल्ली और केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव तक पहुंची । उन्होंने ने इस मामले का संज्ञान लिया है और इस मामले को गंभीरता से लिया है. उनके आदेशानुसार इस मामले में श्रम कानूनों के उल्लंघन की जांच कर मृतक बच्चे के परिजनों को मुआवजा दिलाने की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है.
इस हादसे में चंद्रपाल इंगले (उम्र 16 वर्ष निवासी मानसर) की मौत हो गई थी। रामटेक पंचायत समिति के पूर्व उपसभापती उदय सिंह उर्फ गज्जू यादव ने मामले की शिकायत विधायक व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के माध्यम से केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव से की थी. केंद्रीय श्रम आयुक्त को एक शिकायती ईमेल भी भेजा गया था। गज्जू यादव ने शिकायत में कहा है कि चंद्रपाल इंगले नामक युवक रामटेक रेलवे स्टेशन क्षेत्र में एक रेलवे ठेकेदार के अधीन विद्युतीकरण का काम कर रहा था। यह एक उच्च जोखिम वाला काम था, फिर भी इस काम में 16 साल के एक नाबालिग को लगाया गया, जो श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन है। इस संबंध में ठेकेदार की तरफ से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। केंद्रीय श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने गज्जू यादव के अनुरोध को गंभीरता से लिया । इसके बाद श्रम मंत्री कार्यालय ने नागपुर के मुख्य श्रम आयुक्त को निर्देश जारी किये. मुख्य श्रम आयुक्त ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी प्रशांत तिरपुड़े से घटना की रिपोर्ट तयार करने को कहा। इस पर तिरपुड़े घटना स्थल परसोडा (वाहिटोला) पहुंचे। वहां का दौरा किया। तिरपुड़े रामटेक रेलवे स्टेशन भी गये क्योंकि मृतक लड़का एक रेलवे ठेकेदार के अधीन काम कर रहा था। वहां आवश्यक पूछताछ करने के बाद तिरपुड़े मृत लड़के के घर पहुंचे। वहां परिवार से चर्चा की। बच्चे के साथ काम करने वाले दो मजदूरों को गवाह के रूप में दर्ज किया गया था। इनमें से एक मजदूर नाबालिग भी है। अधिकारी ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। बताया जा रहा है कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीड़ित परिवार को करीब दस से पंद्रह लाख रुपये का मुआवजा मिल सकता है.अधिकारी के दौरे के दौरान गज्जू यादव और उनके सहयोगी रणवीर यादव, मोहन भगत, दुर्गेश नायडू, आशीष कलांबे, कुसमा कठौते, विकास रौतेल उनके साथ थे।
राजीव गांधी विद्यार्थी दुर्घटना योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाए
इस संबंध में गज्जू यादव ने जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से राजीव गांधी विद्यार्थी दुर्घटना योजना के तहत पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया है. गज्जू यादव ने इस संबंध में लिखित बयान दिया है। इस योजना के तहत पीड़ित परिवार को देढ लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। चंद्रपाल 12वीं का छात्र था। घरेलू वित्तस्थिति विकट होने के कारण वह रोजंदारी मजदूर के रूप में काम पर जाता था। चंद्रपाल इंगले परसोडा (वाहिटोला) में मॉईल के डंप के पास हाथ-बर्तन धोने गया था, जहां फिसलकर वह पानी में गिर गया। पानी का स्तर इतना ऊंचा था कि चंद्रपाल डूब गया। एक दिन बाद उसका शव मिला था।