छत्तीसगड, दन्तेवाड़ा -छत्तीसगढ़ राज्य के दंतेवाड़ा जिले मे जिला पोलिस बल द्वारा माओवादियों को मुख्यधारा मे लाने के लिये चलाये जा रहे लोन वर्राट (घर वापस आइये) अभियान को लगातार सफलता मिलता नजर आ रहा है। इस अभियान के तहत जिले मे सक्रीय सैकोडों माओवादियों ने समर्पण किया है। आज दुबारा इसी अभियान के तहत 10 लाख के इनामी दो माओवादियों ने आत्म समर्पण किया है। जिनमे एक महिला व पुरुष माओवादी शामिल है। उन पर मुठभेड, हत्या, अपहरण के रुप मे गम्भीर मामले जिले के अलग अलग थानो मे दर्ज होने की बात कही गयी है।
दन्तेवाड़ा जिला पोलिस विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक जिले मे चलाये जा रहे लोन वर्राट अभियान के तहत आज जिले मे सक्रीय दो माओवादियों ने जिला पोलिस आधिक्षक व केन्द्रीय पोलिस बल के उप पोलिस महानिरीक्षक के समक्ष आत्म समर्पण किया है। आत्म समर्पित दोनो माओवादियों पर पांच पांच लाख का इनाम घोषित होने की बात कही गयी है। जो विगत कही वर्षों से जिले मे सक्रीय माओवादी संघटन मे सक्रीय भुमिका अदा करते हुए माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुक्सान पहुँचाने के उद्देश्य की जाने वाले प्रयासों मे शामिल रहे है। वही जिला पोलिस आधिक्षक व केन्द्रीय सुरक्षा बल के स्थानीय आधिकारि के नेतृत्व मे जिले मे तैनात नक्सल विरोधी सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्चिंग अभियान चलाये जा रहे है। जबकी कुछ एक संधर्भों पर मुठभेड की वारदात भी हुए है। जिनमे माओवादियों को भारी नुक्सान पहुँचने की बात कही गयी है। जिले मे सुरक्षा बलों के माओ ग्रस्त इलाकों मे बढ़ते प्रभाव व पहुंच के चलते हि जिले मे लगातार माओवादियों द्वारा आत्म समर्पण किये जाने की जानकारी दी गयी है।
आज जो दो माओवादियों ने आत्म समर्पण किया है। उनमे एक महिला व एक पुरुष माओवादी शामिल है। उनके बारे मे कहा गया है की उनमे से पुरुष माओवादी की पहचान पोज्जा उर्फ संजू मडावी (पामेड़ एरिया कमेटी/ प्लाटून नंबर 09 का कमांडर) है। यह वर्ष 2012 से लेकर 2021 तक माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुक्सान पहुँचाने के उद्देश्य से किये गये अनेक घटनाओं मे शामिल रहा है। विशेषकर वर्ष 2015 के चिन्तागुफा क्षेत्र की मुठभेड। जिसमे एसटीएफ के 8 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए। वर्ष 2020 के चिन्तागुफा थाना क्षेत्र के मिनपा के जंगल मे हुई फायरिंग की घटना मे शामिल रहा। इस घटना मे फोर्स के 26 जवान शहीद हुए जबकी 20 जवान घायल हुए थे। इसके अलावा इसी वर्ष के ग्राम जिरम,टेकुलगुड़ा थाना क्षेत्र थर्रेम के मुठभेड मे भी यह शामिल रहा। इस घटना मे 22 जवान शहीद हुए थे। जबकी 26 जवान घायल हुए थे। वही एक जवान का अपहरण माओवादियों ने किया था।
वही दुसरी आत्म समर्पण करने वाली महिला नक्सली कि पहचान श्रीमती लक्खे उर्फ तुलसी मडावी (पामेड़ एरिया कमेटी मेंबर /डीवीसी सुरक्षा दलम कमांडर) के रुप मे हुई है। लक्खे उर्फ तुलसी वर्ष 2013 से 2012 तक माओवादी संघटन मे सक्रीय भुमिका निभाते हुए सुरक्षा बलों को नुक्सान पहुँचाने के उद्देश्य से माओवादियों द्वारा की जाने वाले घटनाओं मे शामिल रही है। कुछ एक सन्धर्भो मे लक्खे उर्फ तुलसी मडावी भी संजू मडावी के साथ शामिल रही है। तुलसी माओवादी संघटन के द्वारा किये गये हत्या, आगजनी, लूट, अपहरण जैसे घटनाओं मे शामिल रही है।
जिले मे माओवादियों के आत्म समर्पण के उद्देश्य से चलाये जा रहे लोन वर्राट (घर वापस आइये) अभियान मे अब तक 578 माओवादियों ने आत्म समर्पण किया है। जिनमे 119 इनामी माओवादी समेत 459 माओवादियों मे आत्म समर्पण किया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की लोन वर्राट अभियान जिले मे कितना कारीगर सिद्द हो रहा है।
सतीश कुमार गडचिरोली