BRC से हिसाब चुकता करने के लिए RTI का सहारा 

– RTE अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया में हो रही धांधली पाकर पर्दा डाल जेब गर्म कर रहे URC-1,URC-2 व BRC से सम्बंधित 

नागपुर :- RTE कानून अंतर्गत सभी को निकटवर्ती विद्यालयों में शिक्षा का अवसर मिला।इससे विद्यालय प्रबंधन बुरी तरह प्रभावित हुआ.इस RTE की निगरानी के लिए प्रशासन ने समिति बनाई,लेकिन समिति के चुनिंदा सदस्यों ने इसे रोजगार बना लिया।मनचाही विद्यालय में शिक्षा दिलवाने वह भी निःशुल्क के इच्छुक पालकों की तलाश कर उनसे मनमाना आर्थिक लाभ की प्राप्ति होने बाद असल लाभार्थियों का हक्क छीन रहे तो दूसरी ओर विद्यालय प्रबंधन RTE को नज़रअंदाज कर फर्जीवाड़ा करने वाले प्रबंधकों की भी गला दबाने में कुछ समिति सदस्य सक्रिय हैं.इस क्रम में कुछ विवादास्पद बर्खास्त सदस्य BRC की पोल खोल उन-उन विद्यालयों और BRC सदस्यों को बदनाम करने हेतु सक्रीय हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार BRC के बर्खास्त सदस्य जो कभी BRC,URC 1 और URC 2 का भी सदस्य था.

BRC को निचा दिखाने के लिए इस सदस्य ने RTI के तहत चुनिंदा बड़े विद्यालयों में RTE के तहत हुई प्रवेश प्रक्रिया की कागजी सबूत सह जानकारी मांगी।क्यूंकि इस सदस्य को BRC से एकमत से सभी सदस्यों ने हटा दिया था.

हुआ यह था कि BRC की एक महिला कर्मी से भवंस आष्टी से सम्बंधित कागजातों की मांग की थी और उस महिला कर्मी ने दिखाने से मना कर दिया था.बात इतनी बढ़ गई थी कि उक्त महिला कर्मी ने उक्त विवादास्पद सदस्य के खिलाफ सदर थाने में शिकायत तक दर्ज करवाई थी.

उक्त घटनाक्रम से झल्लाए विवादास्पद सदस्य ने EO से शिकायत की तो EO ने उक्त विवादास्पद सदस्य का पक्ष लेते हुए BRC को SHOW CAUSE नोटिस दिया।इसके जवकब में BRC ने अपना पक्ष रखते हुए जवाब दिया कि उक्त विवादास्पद सदस्य तब BRC की समिति में नहीं था इसलिए उसे कागजातें नहीं दिखाई गई.

इस जवाब से पुनः उक्त विवादास्पद सदस्य झल्ला गया और प्रति उत्तर दिया कि मुझे मेरी अनुपस्थिति में कब और कैसे हटाया गया तो इस मसले का हल निकालने के लिए पुनः BRC की एक विशेष बैठक बुलाई गई,जिसमें एकमत से उक्त विवादास्पद सदस्य को घर का रास्ता दिखा दिया गया.इससे उक्त विवादास्पद सदस्य बुरी तरह झल्ला गया.

उक्त बेइज्जती का बदला लेने के इरादे से उक्त विवादास्पद सदस्य ने BRC के सिफारिश पर भवन्स आष्टी में हुए 5 एडमिशन रद्द करवाए और इस वर्ष 2022 में BRC अंतर्गत 12 बड़े बड़े विद्यालयों में RTE के तहत हुए प्रवेश प्रक्रिया के कागजातों की मांग RTI अंतर्गत की.

विश्वसनीय सूत्रों की माने तो उक्त विवादास्पद सदस्य की टीम ने अबतक 12 में से 6 विद्यालयों की जाँच पूरी कर ली,जिसमें कई धांधलियां प्रकाश में आई.

याद रहे कि भवन्स कहीं भी एडमिशन RTE अंतर्गत करवाने का दर डेढ़ से 2 लाख रूपए प्रति विद्यार्थी हैं,इस धांधली में URC-1,URC-2 व BRC के विवादास्पद सदस्य लिप्त होने की जानकारी मिली हैं.

फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के सहारे RTE अंतर्गत प्रवेश 

यह प्रकरण RTI अंतर्गत पोद्दार स्कूल बेसा से सम्बंधित हैं.बेसा निवासी विकास शिवपूजन शाह (SHAH) के दो जुड़वाँ लड़के लड़की का हैं.इन्होंने वर्ष 2016 में राजपत्र द्वारा SURNAME बदला था,पहले SHAH था जो बाद में SAH करवाया गया.

विकास के जुड़वें बच्चो का जन्म 29-08-2014 में हुआ था.लेकिन उनके जन्म प्रमाणपत्र में दोनों बच्चों का SARNAME पहले से ही SAH अंकित किया गया था.जबकि राजपत्र में विकास ने वर्ष 2016 में अपने SARNAME के शब्दों का बदलाव करवाया था.

विकास ने RTE अंतर्गत अपने जुड़वाँ बच्चों का बेसा स्थित पोद्दार स्कूल में प्रवेश के लिए वर्ष 2015 का प्रमाणपत्र BRC के समक्ष प्रस्तुत किया।इन दोनों बच्चों का कक्षा पहली में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 वर्ष होना चाहिए था,लेकिन दोनों का जन्म वर्ष 2014 का होने के कारण 7 वर्ष पूर्ण हो गए थे,इससे उनका पोद्दार में RTE अंतर्गत प्रवेश नहीं हो सकता था इसलिए विकास ने अपने पुराने सहकर्मी जो जामठा स्थित वृन्दावन रहवासी व व्यवसायिक परिसर में चल रही IINSIGHT RESIDENCIAL CAMPUS में कार्यरत सुमित बोकाड़े की सहायता से फर्जी जन्मप्रमाणपत्र तैयार करवाकर BRC के माध्यम से बेसा स्थित पोद्दार स्कूल में प्रवेश लिया।

उक्त मामला जब उक्त विवादास्पद सदस्य के सामने सबूत सह आया तो उन्होंने आगे की करवाई की बजाय उसे दबा दिया,शायद पालक,स्कूल प्रबंधन व फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने वाले से समझौता हो गया होगा,इसकी शंका जानकारों के मध्य हिचकोले खा रही हैं.

 

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